Showing posts with label नाश. Show all posts
Showing posts with label नाश. Show all posts

Monday, February 11, 2019


नशा : एक सामाजिक 
         मुदा है।

आज हम बात करेंगे नशा एक सामाजिक मुदा । नशा एक ऐसी लत है जो एक बार लग जाए तो व्यक्ति का आर्थिक ,मानसिक ,शारीरक नुकसान इतने बड़े पैमाने पर होता है कि बता न मुश्किल है हर क्षेत्र में इतनी हानि होती है कि बर्बाद होकर रह जाते है आज कल के बड़े बुजर्ग तो नशा करते है लेकिन उनके साथ छोटे बच्चे मुख्य रूप से आज कल के
युवा वर्ग में नशा एक फैशन का रूप लिए हुए है युवा वर्ग इस मे इस तरह डूबा हुआ है कि निकलना मुश्किल है इस सब का कारण आज कल की फिल्मी दुनिया के कारण है फिल्मो में दिखाए गए दृश्य है जब फ़िल्म में कोई हीरो हीरोइन किसी कारण से गलत करते है और तो युवा वर्ग भी वही करते है जैसा हीरो हीरोइन कर रहे है जैसे कोई हीरो हीरोइन  से प्यार करता है और वो हीरोइन हीरो को धोखा दे देती है और हीरो उस के गम में शराब पीने लग जाता है और किसी गलत काम मे लग जाता है उसी तरह युवा वर्ग कर रहा है इस से वो खुद का तो शरीर का नाश कर रहा है साथ ही अपने परिवार की बर्बादी का कारण बन रहा है और समाज मे हीन की दृष्टि से देखा जा रहा है नशे का असर घर परिवार पर तो पड़ता है  साथ ही बच्चों पर इतना गहरा प्रभाव डालता है कि वह भी जैसी संगत में रहता है वैसा ही बन जाता है और उसका वर्तमान और भविष्य दोनो खराब हो जाता है नशे से व्यक्ति अपना सब कूच खो देता है ।

नशा आदत पड़ने के कारण वह व्यक्ति नशे के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाता है कोई उसे बोल दे कि इसकी हत्या करनी है इतने पैसे दूंगा तो वह उसके लिए भी तैयार हो जाता है हमारे देश मे हत्याचार,रेप , भ्रष्टाचार ,हिंसा सब के पीछे नशे का भी हाथ है इस लिए हमे नशे से दूर रहना चाहिए ।मुख्य रूप से बच्चों को इन सब से दूर रखना चाहिए।क्यूंकि इस से उनका भविष्य खराब होता है । एक कारण यह भी है कि नशे में पड़े व्यक्ति को किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा समझाया नही जाता है सब उसको हीन भावना से देखते है ।
नशे से छुटकारा पाने के लिए देखिए साधना टीवी शाम को 7:30 बजे


DivinePlay Of GodKabir

“ शेखतकी द्वारा कबीर साहेब को गुंड़ों से मरवाने की निष्फल कुचेष्टा” कबीर साहेब के काशी आने के बाद शेखतकी ने सोचा कि यह कबीर तो क...